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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चीन को आर्थिक झटका, भारत में बैन हुए चीनी एप्स

चीन को आर्थिक झटका, भारत में बैन हुए चीनी एप्स भारत सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेष दिये है कि वे 59 चीनी ऐप्स को भारत में ब्लॉक  दें। यदि ये आदेष लागू होते तो टिक टॉक की तरह सभी 59 ऐप्स भी स्मार्टफोन्स में काम नहीं करेंगें। टिकटॉक लिप-सिंक, कॉमेडी और प्रतिभा के वीडियो बनाकर सांझा करने का एक सोशल मीडिया वीडियो ऐप है। सरकार के इस फैसले को जनता का भरपूर साथ मिला है। जो लोग इस एप को अत्यधिक पसंद करते थे, वे लोग भी चीनी एप पर एक सुर में बोल रहे है कि मोदी सरकार ने सटीक फैसला किया है जो देश हित में है। टिकटॉक ने अक्टूबर से दिसंबर 2019 तक की तिमाही में भारत में 25 करोड़ रुपये की कमाई की थी। विज्ञापनों के जरिए एप पर कमाई लगातार बढ़ रही थी. टीकटाॅक ने इस वर्ष 100 करोड़ का टारगेट एप के द्वारा कमाने का रखा था। अब टिकटॉक ऐप खोलने पर हमें एक मेसेज दिखाई देगा कि सरकार द्वारा 59 चाइनीज ऐप्स बैन किए गये है। यह लिखा होगा मैसेज में - प्रिय यूजर्स - 29 जून, 2020 को भारत सरकार ने टिकटॉक सहित 59 ऐप्स को ब्लॉक करने का फैसला किया है। हम भारत स...

गुलाबो सिताबों

गुलाबो सिताबों गुलाबो सिताबों में अमिताभ बच्चन का अभिनय बहुत ही अच्छा लग रहा है। फिल्म में उन्होंने मिर्जा के जीवंत रूप को किया है। उनका लहजा, चलने का ढंग, आंखों की हरकतें सब कुछ उनके उच्च श्रेणी के अभिनय अनुभव को परिभाषित करती है और आयुष्मान खुराना ने भी बहुत अच्छा अभिनय किया। फिर भी आयुष्मान खुराना का किरदार थोड़ा और रोचक होता, तो और ही बात होती। इस फिल्म में विजय राज ने भी अपनी बेहतरीन अदाकारी की, उनका अपना एक अंदाज है और वह अंदाज यहां भी बरकरार है। बृजेंद्र काला की अभिनय शैली भी अपनी तरह की अलग शैली है और वह भी अपने अंदाज से प्रभावित करते हैं। बेगम की भूमिका में वयोवृद्ध कलाकार फारुख जफर खूब जंचती हैं। !! फिल्म की कहानी !! गुलाबो सिताबो उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध कठपुतली नृत्य है। लोक विश्वास है कि गुलाबो और सिताबो सौत थीं। दोनों साथ साथ रहती थीं, लेकिन दोनों में बिल्कुल नहीं बनती थी। एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाती थीं। लोक कथाओं में इन्हें ननद और भौजाई भी कहा जाता है। फिल्म के मुख्य किरदारों मिर्जा और उसके किरायेदार बांके का रिश्ता भी गुलाबो सिताबो जैसा ही है। मिर्...

भक्ति मार्ग

!! जय श्री राधेकृष्ण !! मन मे लौ, ठाकुर तेरी लगी जीवन मे मनुष्य कभी इधर भागता है, कभी उधर। क्योंकि वह परेशानी के कारण तय नही कर पाता कि,उसकी मंजिल क्या है। जब तक हम अपना मार्ग और मंजिल नही चुनेंगे, तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे। यही बात भक्ति मार्ग की भी है, जब तक भक्ति मार्ग पर चलने का संकल्प नही लेंगे,चल नही पाएंगे - गोविन्द एक छोटी-सी दुकान से अपना घर-खर्च चलाता था। उसे अपना जीवन निरर्थक लगने लगा। उसने सोचा, मैंने जीवन में आखिर पाया ही क्या है? मेरे देखते-ही-देखते कई लोग लखपती हो गये। कोई मशहूर कलाकार बन गया, कोई बड़ा व्यापारी, परंतु मैं बस, एक सामान्य आदमी बनकर रह गया हूँ। गोविन्द के मन में बेहद हताशा की भावना आ गयी। उसने अपने मन में कुछ संकल्प लिया और जंगल की तरफ चल दिया। वह चाहता था कि कोई जंगली जानवर उसे अपना शिकार बना ले, ताकि इस निरर्थक जिन्दगी से छुटकारा मिल जाय। मन-ही-मन कई प्रकार के बुरे ख्यालों में उलझा हुआ वह आगे बढ़ता ही जा रहा था। ठण्ड बढ़ने लगी थी। जंगली जानवरों की भयंकर आवाजें आने लगी थीं। यद्यपि अभी तक कोई जानवर उसके नजदीक नहीं पह...

गीता-उपदेश

।। श्री गणेशाय नमः ।। न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्मसङ्गिनाम। जोषयेत्सर्वकर्माणि विद्वान्युक्तः समाचरन॥ ( श्रीमद्भागवत गीता अ० ३- २६ ) अर्थ - परमात्मा के स्वरूप में अटल स्थित हुए ज्ञानी पुरुष को चाहिए कि वह शास्त्रविहित कर्मों में आसक्ति वाले अज्ञानियों की बुद्धि में भ्रम अर्थात कर्मों में अश्रद्धा उत्पन्न न करे, किन्तु स्वयं शास्त्रविहित समस्त कर्म भलीभाँति करता हुआ उनसे भी वैसे ही करवाए। व्याख्या - ज्ञानी पुरुषों को चाहिए कि कर्मो में आसक्ति वाले अज्ञानियों की बुद्धि में भ्रम पैदा न करें - अर्थात् स्वरूपस्थ महापुरुष ध्यान रखना चाहिए कि उनके किसी प्रकार के व्यवहार/आचरण से उनके अनुयायी के मन में कर्म के प्रति श्रद्धा भाव में कमी न हो जाय। परमात्मतत्त्व से संयुक्त महापुरुष को भी चाहिए कि स्वयं अच्छी तरह नियत कर्म करें और अपने अनुयायीयों को भी करने के लिए प्रेरित करें। यही कारण था कि पूज्य महाराज जी के गुरुवर वृद्धावस्था में भी रात के दो बजे उठकर बैठ जायँ, खाँसने लगें। तीन बजे कहे - उठो मिट्टी के पुतलों! सब उठ कर चिन्तन में लग जायँ, तो स्वयं थोड़ा लेट जाएं।...

Corona virus: All you need to know about Mask

The use of masks for the general public :-                 Studies of influenza, influenza-like illness, and human corona viruses (not including COVID-19) provide evidence that the use of a medical mask can prevent the spread of infectious droplets from a symptomatic infected person (source control) to someone else and potential contamination of the environment by these droplets.                 There is limited evidence that wearing a medical mask by healthy individuals in households, in particular those who share a house with a sick person, or among attendees of mass gatherings may be beneficial as a measure preventing transmission.                 A recent meta-analysis of these observational studies, with the intrinsic biases of observational data, showed that either disposable surgic...

राम मंदिर: अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक आदर्श

अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक आदर्श राम मंदिर, अयोध्या का एक महत्वपूर्ण और धार्मिक स्थल है, जिसे हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह जगह भगवान श्रीराम के जन्म स्थल के रूप में प्रसिद्ध है और यहाँ पर भगवान राम के भक्तों का आदर-सम्मान भी होता है। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम राम मंदिर के महत्व, इतिहास, और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानेंगे। राम मंदिर अयोध्या में एक अत्यंत पुराना मंदिर है जो धार्मिक और सांस्कृतिक आदर्शों का उदाहरण है। इसके अत्यंत पुराने और प्राचीन निर्माण के कारण यह अयोध्या के लोगों के दिल का प्राण है। मंदिर में रामायण की पुरानी कथाओं के साथ राम और रावण का प्रतिक्रिया आदि दिखाई देता है। यह स्थापना सन् १८९२ में धरती में निकाला गया था। यह आदर्श मंदिर आज भी अयोध्या के दर्शनीय आकर्षण है। यह मंदिर अयोध्या के बारे में अत्यंत पुराना है और इसे तीसरे शताब्दी के मध्य में निर्मित किया गया था। यह मंदिर आपृष्ठ पर स्थित है और यह आदर्श निर्माण का उदाहरण है जो आज भी अयोध्या के दर्शनीय आकर्षण है। मंदिर के आभूषणों और अन्य मूर्तियों से यह राम और रावण की पुरानी कथ...