द शौशैंक रिडम्पशन (1994) - जीवन के हर पहलू को छूती हुई घनघोर निराशा से लेकर आजादी के चमकते सूरज का सफर
यदि आप किसी शानदार फिल्म देखने के लिए तलाश में है तो हाॅलीवुड की इस फिल्म को देखना कतई न भुले रिलीज दिनांक - 20 अगस्त 1994 (आयरलैंड), निर्देशक - फ्राङ्क डाराबोन्ट, कहानीकार - स्टीफन किंग, पटकथा - स्टीफन किंग, फ्राङ्क डाराबोन्ट, नामांकन - अकेडमी पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ पिक्चर सन् 1994 में बनी फिल्म ‘‘द शौशैंक रिडम्पशन’’ हॉलीवुड सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। यह फिल्म जीवन के गहरे अर्थो से परिचित करवाती है। इस फिल्म को आपको एक बार जरूर देखनी ही चाहिए। कलाकार टिम रॉबिन्स और मॉर्गन फ्रीमन की बेहतरीन एक्टिंग इसकी कहानी में जान फुंक देती है। फिल्म की कहानी एक बैंकर की जो किसी वजह से अपनी पत्नी के हत्या के आरोप में अजीवन उम्रकैद की सजा के साथ जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद फिल्म की कहानी में एक आजाद और स्वछंद इंसान होता है, जो कि अपनी जिंदगी के हर फैसले खुद लेता रहा है और अचानक एक ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा बन जाता है जिसमें उसकी हर चीज नियंत्रित होती है। यहां तक कि उसका उठना बैठना सोना खाना पीना नियन्त्रित होता है। वह अपनी मर्जी से कुछ भी नही कर पाता है। फिल्म की शुरुआत में फिल्म के ...